राम मंदिर ट्रस्ट के खाते से 6 लाख की जालसाजी, क्लोन चेक के माध्यम से हुई चोरी

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Raam Mandir News
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के खाते से जालसाजों द्वारा दो बार क्लोन चेक के माध्यम से 6 लाख रुपये निकाले जाने की बात सामने आई है। 9 लाख 86 हजार के तीसरे चेक के वेरिफिकेशन में हुआ खुलासा।

जिस श्रीराम मंदिर के पूरा होने का सपना संजोए देश के करोड़ो भक्तो ने दिल खोल कर दान दिया अब उसी अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ तीर्थ ट्रस्ट के बैंक खाते से 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। मामले की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों की एक टीम को भी कहा गया है।
एक तीसरे फर्जी चेक की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान धोखाधड़ी का पता चला था। प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस जांच कर रही है।

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि ‘ट्रस्ट के खाते से जालसाजों ने दो बार मे 6 लाख की निकासी कर ली है। जालसाज जब तीसरा चेक जो कि 9 लाख 86 रुपये का है , बैंक में जमा करने पहुंचे तो जालसाजी का खुलासा हुआ।’
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मामले की शिकायत अयोध्या कोतवाली में दर्ज कराई है। पुलिस ने इस जालसाजी में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर के एक टीम को लखनऊ जांच के लिए रवाना कर दिया है।

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

ट्रस्ट के खाता भारतीय स्टेट बैंक नया घाट में खुला है। जिसमे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की हस्ताक्षर मान्य है। कोई भी भुगतान इन्ही लोगो के हस्ताक्षर से संभव है। बुधवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लखनऊ से चंपत राय के पास चेक संख्या 740798 के सत्यापन हेतु फ़ोन आया। जिसमे 9 लाख 86 हजार के भुगतान किया जाना था।
इस पर महासचिव ने चेकबुक की जांच की तो पता चला कि इस नंबर का चेक कटा ही नही है। इस पर बैंक ने त्वरित कार्यवाही करते हुए जालसाजों द्वारा लगाए गए चेक को रोक दिया।

आरोपी की पहचान हुई, महाराष्ट्र से है जालसाज

ट्रस्ट से जालसाजी करने वाले कि पहचान हो गई है वह महाराष्ट्र का रहने वाला बताया जाता है। जालसाज ने क्लोन चेक के माध्यम से दिनांक 1सितम्बर को 2.50 लाख और दिनांक सितम्बर को 3.50 लाख की निकासी क्लोन चेक के माध्यम से की है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कुल निकले गए 6 लाख में से 4 लाख रुपये निकल लिए है जबकि 2 लाख अब भी उसके खाते में है।
इस मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों की धोखाधड़ी, बेईमानी, जालसाजी और चोरी के आरोपों पर आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया।

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