भारतीय नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में तैनात किए जंगी जहाज, चीन ने जताई आपत्ति

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Indian Navy

15 जून को पूर्वी लद्दाख में गाल्वन घाटी के टकराव के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए, भारतीय नौसेना ने दक्षिण चीन सागर में अपने प्रमुख जंगी जहाजों का बेड़ा तैनात कर दिया है। इस मामले में चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है।

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INS_Koklata_during_Konkan_Naval_Exercise (Demo Image)

भारत-चीन सीमा विवाद के बीच 15 जून को गलवान घाटी में हुए हिंसक झड़प के बाद भारतीय नौसेना ने चीन को उसी के तथाकथित स्वघोषित क्षेत्र में चुनौती दी है।
समाचार एजेंसी ANI से मिली जानकारी के अनुसार गलवान घाटी में चीन से झड़प के बाद भारतीय नौसेना ने तेजी से करवाई करते हुए अपने अग्रिम पंक्ति के जंगी जहाजो का एक बेड़ा दक्षिण चीन सागर में तैनात किया है ।
भारत द्वारा की गई इस तैनाती पर चीन ने दोनो देशो में होने वाली वार्ता में कड़ी आपत्ति जताई है।

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बता दें कि दक्षिण चीन सागर पर चीन अपना एकाधिकार मानता है। इस क्षेत्र में उसने कई छोटे-बड़े द्वीपो का निर्माण किया है । इन द्वीपो पर चीन के द्वारा हवाईपट्टी के साथ साथ सतह से हवा में मार करने वाली घातक मिसाइलों को भी तैनात किया गया है।
इस इलाके में मौजूद खनिजो और समुद्री संसाधनों पर चीन का क्षेत्र के अन्य देशों के साथ विवाद है । साथ ही इस समुद्री क्षेत्र में स्वतंत्र परिवहन के लिए अमेरिका ने भी अपनी नौसेना को तैनात किया है ।

ANI official Tweet

सैटलाइट से मिले चीन के चालबाजी के नए सबूत

भारत से सटी सीमा पर चीन ने भारी सैन्य बलों की तैनाती की है । साथ ही हाल में आई सैटलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने कैलाश मानसरोवर झील, डोकलाम और नाथुला जैसे रणनीतिक रूप से अहम इलाको पर अपने सतह से हवा में मार करने में सक्षम मिसाइलों की भी तैनाती की है।

क्या भारत को POK में रोकने के लिए चीन ने बढ़ाया तनाव

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि POK में भारत द्वारा किसी भी संभावित सैन्य कार्यवाही को रोकने के मक़सद से चीन ने लद्दाख में भारत के साथ स्थिति को तनावपूर्ण किया। इससे भारत POK और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे अपने इलाको को दुबारा हासिल करने के लिए कोई सैन्य अभियान न कर सके। बता दें कि ये वही क्षेत्र है जहाँ से चीन की 60 अरब डॉलर से ज्यादा के CPEC और अन्य प्रोजेक्ट जारी है।

हर चुनौती के लिए तैयार भारतीय नौसेना

आपको बता दें कि भारतीय नौसेना चीन को हर प्रकार से जवाब देने के लिए सक्षम है, यदि वे अपने इस रवैया को ठीक नहीं करते हैं तो भारतीय नौसेना उन्हें पूर्ण रूप से जवाब दे सकती है। भारतीय नौसेना पूर्वी प्रिंट एवं पश्चिमी फ्रंट दोनों तरफ से हिंद महासागर के आसपास दुश्मन की प्रत्येक गतिविधि को काबू करने के लिए तैनात है।
भारतीय नौसेना के पास अपनी खुद की स्वदेशी जहाज, मानव रहित सिस्टम और हर प्रकार की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले सेंसर्स से लैस जहाज भी तैनात करने की योजना बना रही है। जिससे वे दुश्मन की हर एक छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी गतिविधियों पर बारीक नजर रख सकें। कुछ सूत्रों के मुताबिक भारतीय नौसेना अपने mig-29 जैसे लड़ाकू विमानों को भी तैनात किया गया है। इनकी ट्रेनिंग पहाड़ी इलाकों में भी हो रही है।

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