बातचीत विफल होने पर भारत के पास सैन्य विकल्प मौजूद है, चीन विवाद पर CDS विपिन रावत का बड़ा बयान

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Bipin_Rawat
Bipin_Rawat

लद्दाख में जारी सैन्य तनाव और चीन के हठधर्मिता के कारण भारत सरकार लगातार चीन को सैन्य और आर्थिक मोर्चो पर घेरने के प्रयास में निरंतर सक्रिय है। इसपर चीन विवाद अब एक नया रूप ले चुका है, और अब भारत नई रणनीति पर विचार कर रहा है।

CDS Vipin Ravat
CDS विपिन रावत

एक तरफ चीन लगातार बातचीत कर सीमा विवाद सुलझाने की बात करता है तो वही दूसरी तरफ वह निरन्तर आक्रमक रुख अपनाये हुए है। भारतीय पक्ष भी कहीं न कहीं यह बात समझने लगा है कि मौजूदा सीमा विवाद आसानी से नही सुलझने वाला है। अब भारत ने बातचीत के साथ ही दूसरे विकल्पों की पर भी विचार करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में कल चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (CDS) विपिन रावत का एक बड़ा बयान सामने आया है।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “लद्दाख में चीनी सेना द्वारा किए गए अतिक्रमणों से निपटने के लिए सैन्य विकल्प मौजूद है, लेकिन इसका उपयोग केवल तभी किया जाएगा जब सैन्य और राजनयिक स्तर पर वार्ता विफल हो जाए,”।

हालाँकि सीडीएस ने उन सैन्य विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करने से इनकार कर दिया, जिनमें भारत लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना द्वारा किए गए बदलावों को पीछे धकेल सकता है। दोनों पक्षों के बीच पिछले तीन महीनों से बातचीत चल रही है, जिसमें पांच लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की वार्ता शामिल हैं, लेकिन अभी तक कोई भी परिणाम प्राप्त करने में विफल रहे हैं। इन वार्ताओं में भारत का प्रतिनिधित्व 14वीं कोर के कमांडिंग ऑफिसर जनरल हरिंदर सिंह कर रहे है।

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भारत और चीन के बीच अप्रैल-मई से चीनी सेना द्वारा फिंगर एरिया, गाल्वान घाटी, हॉट स्प्रिंग्स और कोंगरुंग नाला सहित कई क्षेत्रों में किए गए बदलाव के बाद से भारी तनाव हैं।
चीन की पीपल लिबरेशन आर्मी(PLA) ने फिंगर एरिया से पीछे हटने से साफ इंकार कर दिया है, तथा भारत के सामने शर्त रखी है कि दोनों सेनाएं समान दूरी में पीछे हटेंगी।
चीन के इस शर्त को भारत ने ठुकरा दिया है और साफ किया कि चीन ने अतिक्रमण किया है और उसे पीछे हटना ही पड़ेगा।

हाल ही में जारी की गई सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि चीन अपने क्षेत्र में भारी सैन्य जमावड़ा कर रहा है । तिब्बत के अपने एयरबेस पर उसने एडवांस J-20 स्टेल्थी फाइटर जेट की तैनाती की है ।साथ ही तिब्बत के विभिन्न क्षेत्रों में उसने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को भी तैनात किया है।
चीन ने कैलाश मानसरोवर के पास के इलाकों में भी ये घातक मिसाइलें तैनात की है ।

चीन 24 अगस्त से 29 अगस्त तक दक्षिण चीन सागर में एक नौसैनिक युद्धाभ्यास भी कर रहा है।

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