Friday, September 17, 2021
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राज्यसभा में हंगामा, तोड़ी उपसभापति की माइक, 2 Agriculture Bill हुआ पास

Agriculture Bill को लेकर आज राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष Agriculture Bill बिल पास होने के लिए बहुमत का आंकड़ा ही देखता रह गया और 2 कृषि बिल केवल मात्र ध्वनि मत से ही पारित हो गए। इन सभी को देखते हुए कांग्रेस के नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बता दिया। कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी ने ट्वीट के जरिये विधेयक पर सवाल भी उठाए और उन्होंने इसे काला कानून करार दिया।

Agriculture Bill
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राज्यसभा में आज कृषि बिल के को लेकर विपक्ष में बहुमत के आंकड़े को देखने, वोट डालने एवं वर्क आउट कर बिल को पास कराने के चर्चाओं के बीच राज्यसभा में सरकार ने दो कृषि बिल केवल ध्वनिमत से ही पास करवा लिए। जिस कारण विपक्ष ने राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। ऐसा हंगामा इससे पहले महिला आरक्षण बिल को लेकर भी हुआ था।

सांसदों ने उपसभापति की माइक तोड़ी एवं रूलबुक भी फाड़ दी

Agriculture Bill पर हो रहे विवाद के कारण विपक्ष में जमकर हंगामा शुरू हो गया जिसके बाद उपसभापति हरिवंश जी ने दोनों पक्षों पर शांति बनाए रखने का प्रस्ताव दिया। परंतु वहां ध्वनि मत से बिल पास होने के कारण डेरेक डिप्टी उपसभापति के एकदम पास जाकर उन्हें रूलबुक दिखाने लगे, इसके बाद किसी ने पीछे से रूल बुक उनके तरफ फेंकी, जिसके बाद माहौल और भी गर्म हो गया।

मार्शल ने डेरेक को रोकने का प्रयास भी किया परंतु वह प्रयास असफल रहा। वही एक सांसद ने उपसभापति की माइक भी खींचते हुए तोड़ दी, तो किसी ने बिल की कॉपी के टुकड़े उड़ाते हुए दिखाएं। इसी बीच राज्यसभा टीवी चैनल की आवाज भी बंद हो गई, जिसका कारण यह था कि किसी ने वहां पर माइक के तार तोड़ दिए थे जिससे नहीं आवाज आ रही थी और ना ही आवाज आ रही थी। इन्हीं हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया, परंतु थोड़ी देर बाद पुनः शुरू हुई कार्रवाई पर भी विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की और इसी नारेबाजी के बीच ही सरकार ने दोनों कृषि बिलों को केवल ध्वनि मतों से ही पास करा लिया।

विपक्ष का क्या प्रयास था

इस सभी विवादों में विपक्ष का प्रयास था कि मत विभाजन के जरिए (Agriculture Bill) कृषि बिल का मामला हल हो और इससे भी ज्यादा विपक्ष को यह पता चले कि कितने लोग इस बिल के पक्ष में है और कितने लोग इस बिल के विरोध में है। कुछ लोग जो बिल के विपक्ष में थे वह इस बिल को किसान विरोधी भी बता रहे थे, उनका यह मानना था कि यह बिल किसान के बिल्कुल विरोध में है। परंतु सरकार ने केवल ध्वनिमत से ही इस बिल को पास करा कर इन सभी मामलों को धाराशाही कर दिया।

इस बिल के पास होने से बीजेपी के चुनावी घोषणा पत्र का एक और वादा पूर्ण हो गया। यह बिल इससे पहले लोकसभा में भी पास हो चुका है और इसके साथ ही लोकसभा में आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 को भी मंजूरी मिल चुकी है। वहीं राज्यसभा से इस बिल (Agriculture Bill) को मंजूरी मिलना बाकी था।

पंजाब और हरियाणा में इस बिल को लेकर पक्ष-विपक्ष

पंजाब और हरियाणा में इस विधेयक को लेकर कुछ लोगों में भारी विरोध भी रहा था। लोकसभा में इन तीनों विधेयक को मंजूरी मिलने के विरोध में एनडीए की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा भी दे दिया था। जिस कारण विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार पर हमलावर हो गई थी।

यह भी पढ़ें – किसान अध्यादेश पर NDA में दरार, अकाली दल से केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर का इस्तीफा

एग्रीकल्चर बिल को पास कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं संभाली थी कमान

कृषि बिल (Agriculture Bill) को पास कराना मोदी सरकार के लिए प्रतिष्ठा का सवाल भी बन चुका था। इसीलिए बिल के पक्ष में माहौल बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं इस बिल को पास कराने के लिए कमान संभाला था। बिल पास होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया की भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है और उन्होंने यह भी लिखा कि ‘ मैं पहले भी कह चुका हूं और एक बार फिर कहता हूं एमएसपी की व्यवस्था जारी रहेगी, सरकारी खरीद जारी रहेगी। हम यहां अपने किसानों की सेवा के लिए है। हम अन्नदाताओं की सहायता के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और इनकी आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करेंगे।’

Deepak Tiwari
नमस्ते, आप सभी का स्वागत है inFact Post में <3
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